Recent News

धर्म, राजनीति और नफरत: आखिर कब तक इंसान को इंसान से लड़ाया जाएगा?

धर्म के नाम पर नफरत, राजनीति के नाम पर बंटवारा और बीच में पिसता आम आदमी: धर्म हमें इंसानियत, प्रेम, दया और सेवा का रास्ता दिखाता है। राजनीति का काम जनता की समस्याओं का समाधान करना और देश को आगे बढ़ाना है। लेकिन जब धर्म को राजनीतिक फायदे का हथियार बना दिया जाए और राजनीति में नफरत को जगह मिलने लगे, तब सबसे बड़ा नुकसान समाज और आम आदमी का होता है।

आज देश के सामने एक बड़ा सवाल है – क्या हम अपनी असली समस्याओं पर बात कर रहे हैं या एक-दूसरे के धर्म, जाति और पहचान को लेकर लड़ने में अपनी ऊर्जा बर्बाद कर रहे हैं?

महंगाई से परेशान परिवार, नौकरी की तलाश में भटकता युवा, इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाता गरीब और अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए संघर्ष करता माता-पिता—इन सबकी समस्याएं धर्म देखकर नहीं आतीं। भूख का कोई धर्म नहीं होता, बेरोजगारी की कोई जाति नहीं होती और बीमारी किसी का मजहब पूछकर दरवाजा नहीं खटखटाती।

फिर सवाल उठता है कि समाज में इतनी नफरत क्यों बढ़ रही है? क्या हम सच में एक-दूसरे से दूर हो रहे हैं या हमें दूर करने वाली आवाजों को जरूरत से ज्यादा महत्व दे रहे हैं?

1. जब धर्म आस्था से निकलकर राजनीतिक हथियार बन जाता है

भारत की पहचान उसकी विविधता है। यहां अलग-अलग धर्मों, भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के लोग सदियों से साथ रहते आए हैं। हमारे मोहल्लों में त्योहारों की खुशियां साझा होती हैं, मुश्किल वक्त में लोग एक-दूसरे की मदद करते हैं और इंसानियत कई बार उन दीवारों को तोड़ देती है, जिन्हें नफरत खड़ी करने की कोशिश करती है।

लेकिन जब धार्मिक पहचान को राजनीतिक समर्थन जुटाने का जरिया बनाया जाता है, तब समाज में अविश्वास बढ़ने लगता है। लोगों को उनके काम, सोच और व्यवहार के बजाय उनके धर्म के आधार पर परखा जाने लगता है।

यह समझना जरूरी है कि किसी धर्म के नाम पर बोलने वाला हर व्यक्ति उस धर्म के सभी लोगों का प्रतिनिधि नहीं होता। इसी तरह किसी एक व्यक्ति के अपराध के लिए पूरे समुदाय को जिम्मेदार ठहराना न तो न्यायसंगत है और न ही समाज के हित में।

धर्म व्यक्तिगत आस्था का विषय है। किसी को अपने धर्म पर गर्व करने का पूरा अधिकार है, लेकिन उस गर्व के नाम पर दूसरे धर्म का अपमान करना या किसी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाना उचित नहीं है।

सच्ची धार्मिक आस्था इंसान को बेहतर बनाती है, दूसरे इंसान से नफरत करना नहीं सिखाती।

2. राजनीति में जनता के मुद्दे पीछे क्यों छूट जाते हैं?

लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच विचारों का अंतर होना स्वाभाविक है। सरकार के काम पर सवाल उठाना, विपक्ष की आलोचना करना और नीतियों पर बहस करना लोकतंत्र की ताकत है।

समस्या तब पैदा होती है, जब राजनीतिक बहस का केंद्र रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई, किसानों की समस्याएं और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों से हटकर धार्मिक तनाव और पहचान की लड़ाई बन जाता है।

जनता को नेताओं से सवाल पूछने चाहिए :

  • युवाओं के लिए रोजगार के कितने अवसर पैदा हुए?
  • सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति में कितना सुधार हुआ?
  • महंगाई से आम परिवारों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए गए?
  • महिलाओं की सुरक्षा और अपराधों पर नियंत्रण के लिए क्या किया गया?
  • गरीबों, मजदूरों और किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए क्या योजनाएं लागू हुईं?

ये सवाल किसी धर्म या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं हैं। ये जनता के अधिकार और लोकतांत्रिक जवाबदेही से जुड़े सवाल हैं।

किसी भी सरकार के काम का मूल्यांकन उसके फैसलों, उपलब्धियों और कमियों के आधार पर होना चाहिए। केवल नारों, भावनात्मक भाषणों या धार्मिक पहचान के आधार पर नहीं।

जनता को भावनाओं के साथ-साथ तथ्यों के आधार पर भी अपना फैसला लेना चाहिए।

3. सोशल मीडिया पर नफरत का कारोबार: एक फॉरवर्ड और बड़ा नुकसान

आज मोबाइल फोन हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है। खबरें, वीडियो और तस्वीरें कुछ ही सेकंड में हजारों लोगों तक पहुंच जाती हैं। लेकिन इसी रफ्तार के साथ एक गंभीर खतरा भी बढ़ा है – बिना जांचे-परखे खबरों को साझा करना।

8 अक्टूबर 2026 को द प्रिंट की एक रिपोर्ट में बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को भ्रामक सामग्री, पुराने वीडियो को मौजूदा घटना बताकर साझा करने और हिंसा भड़काने की आशंका वाली सामग्री पर ध्यान देने को कहा था। इस तरह की सामग्री लोगों को गुमराह कर सकती है और सामाजिक तनाव बढ़ा सकती है।

इस लिंक पर क्लिक करे

सोचिए, किसी दूसरे देश या पुराने दंगे का वीडियो भारत की किसी मौजूदा घटना का बताकर साझा कर दिया जाए। उसके साथ भड़काऊ कैप्शन जोड़ दिया जाए और हजारों लोग बिना सच्चाई जाने उसे आगे बढ़ा दें। इससे निर्दोष लोगों के खिलाफ गुस्सा पैदा हो सकता है और शांति बिगड़ सकती है।

इसलिए किसी भी संवेदनशील खबर को साझा करने से पहले तीन सवाल पूछिए :

  1. क्या यह खबर किसी भरोसेमंद समाचार स्रोत से आई है?
  2. क्या वीडियो या तस्वीर की तारीख और जगह की पुष्टि हुई है?
  3. क्या इसे साझा करने से लोगों को सही जानकारी मिलेगी या उनके मन में नफरत बढ़ेगी?

याद रखिए, सोशल मीडिया पर किसी पोस्ट को लाइक करना या आगे भेजना छोटी बात लग सकती है, लेकिन गलत सूचना का असर बहुत बड़ा हो सकता है।

हर वायरल वीडियो सच नहीं होता और हर तेज आवाज में बोलने वाला व्यक्ति सही नहीं होता।

4. अक्टूबर 2026 के ताजा उदाहरण: धार्मिक भावनाएं और सार्वजनिक विवाद

हाल के घटनाक्रम बताते हैं कि धार्मिक भावनाओं, राजनीतिक विरोध और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े विवाद कितनी जल्दी चर्चा का विषय बन सकते हैं।

गोवा में अक्टूबर 2026 में एक राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर सांप्रदायिक नारे लगाए जाने की शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। मामले में समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाने और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे आरोप शामिल किए गए। इससे पहले हिरासत में लिए गए सात प्रदर्शनकारियों को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ के निर्देश के बाद रिहा किया गया था। मामले में आरोपों की जांच और कानूनी प्रक्रिया को अलग-अलग समझना जरूरी है।

स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस, 18 अक्टूबर 2026।

इस घटना से एक महत्वपूर्ण बात सामने आती है – लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन विरोध के दौरान किसी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है। दूसरी तरफ, केवल आरोप लग जाने से किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता।

कानून का उद्देश्य शांति बनाए रखना, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना और दोष साबित होने पर उचित कार्रवाई करना होना चाहिए।

धर्म या राजनीति से जुड़े विवादों में सबसे जरूरी है कि लोग अधूरी जानकारी के आधार पर फैसला न सुनाएं। जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी ठहराना भी गलत है और किसी भी तरह की हिंसा या धमकी को नजरअंदाज करना भी।

5. नफरत का सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों को होता है

जब समाज में धार्मिक तनाव बढ़ता है, तब उसका असर केवल राजनीतिक मंचों या सोशल मीडिया की बहस तक सीमित नहीं रहता।

दुकानदार की बिक्री प्रभावित हो सकती है। मजदूर का काम छूट सकता है। बच्चों के मन में दूसरे समुदाय के प्रति डर बैठ सकता है। पड़ोसियों के बीच वर्षों से बना भरोसा टूट सकता है। जिन परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था, वे भी शक की नजर से देखने लग सकते हैं।

नफरत फैलाने वाला व्यक्ति कुछ मिनटों का भाषण देकर आगे बढ़ जाता है, लेकिन उसके शब्दों से पैदा हुआ तनाव लंबे समय तक समाज को नुकसान पहुंचा सकता है।

इसलिए यह सवाल केवल हिंदू-मुस्लिम या किसी दो समुदायों का नहीं है। यह उस भारत का सवाल है, जहां हर नागरिक को सुरक्षित रहने, काम करने, शिक्षा पाने और अपनी आस्था के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है।

अगर किसी व्यक्ति ने अपराध किया है, तो कार्रवाई उसके खिलाफ होनी चाहिए। पूरे धर्म, जाति या समुदाय को कटघरे में खड़ा करना न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है।

6. नफरत फैलाने वालों से सवाल पूछना जरूरी है

जब कोई नेता, धार्मिक वक्ता, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर या आम व्यक्ति किसी समुदाय के खिलाफ अपमानजनक बातें करता है, तो हमें केवल यह नहीं देखना चाहिए कि वह किस पक्ष का है। हमें यह भी देखना चाहिए कि वह क्या कह रहा है और उसके शब्दों का समाज पर क्या असर पड़ सकता है।

क्या वह किसी वास्तविक समस्या का समाधान बता रहा है या लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर रहा है?

क्या वह सबूत के साथ बात कर रहा है या केवल डर और अफवाह फैला रहा है?

क्या वह अपने समर्थकों को कानून का सम्मान करना सिखा रहा है या उन्हें दूसरे लोगों के प्रति हिंसक होने के लिए उकसा रहा है?

ये सवाल सभी राजनीतिक दलों, सभी धर्मों के प्रतिनिधियों और हर सार्वजनिक व्यक्ति से पूछे जाने चाहिए। किसी के प्रति अंधा समर्थन समाज को मजबूत नहीं बनाता। सही और गलत की पहचान करना ही जागरूक नागरिक की निशानी है।

7. संविधान हमें क्या सिखाता है?

भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और धार्मिक आस्था से जुड़े अधिकार देता है। संविधान की प्रस्तावना में न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता के मूल्यों पर जोर दिया गया है।

30 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने नफरत फैलाने वाले भाषणों से जुड़े एक मामले में कहा कि ऐसे भाषण सामाजिक बंधुत्व और संवैधानिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा कानूनों के तहत कार्रवाई का प्रावधान है और नए अपराध या सजा तय करना विधायिका के अधिकार क्षेत्र का विषय है।

संविधान की भावना हमें यह समझाती है कि अलग-अलग विचार रखने के बावजूद हम सभी बराबर सम्मान और अधिकार के हकदार हैं। किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान उसके नागरिक अधिकारों को कम नहीं कर सकती।

लोकतंत्र केवल बहुमत की आवाज सुनने का नाम नहीं है। लोकतंत्र में अल्पमत के अधिकारों की रक्षा, असहमति का सम्मान और कानून के सामने समानता भी उतनी ही जरूरी है।

8. समाज में नफरत कम करने के लिए आम लोग क्या करें?

बदलाव की शुरुआत केवल सरकार या प्रशासन से नहीं होती। इसकी शुरुआत हमारे घर, मोहल्ले, स्कूल, कार्यस्थल और मोबाइल फोन से भी हो सकती है।

पहला कदम: खबर की पुष्टि करें। किसी भी धार्मिक या राजनीतिक विवाद से जुड़ी तस्वीर, वीडियो या संदेश को जांचे बिना आगे न भेजें।

दूसरा कदम: पूरे समुदाय को दोष न दें। किसी एक व्यक्ति के अपराध को उसके धर्म या जाति के सभी लोगों से जोड़ना बंद करें।

तीसरा कदम: असहमति में भी भाषा की मर्यादा रखें। किसी नेता की आलोचना कीजिए, नीतियों पर सवाल उठाइए, लेकिन गाली, धमकी और धार्मिक अपमान को बहस का तरीका मत बनाइए।

चौथा कदम: बच्चों को इंसानियत सिखाएं। बच्चों के सामने दूसरे धर्म या जाति के लोगों के बारे में अपमानजनक बातें करने से बचें। उन्हें विविधता का सम्मान करना सिखाएं।

पांचवां कदम: हिंसा और धमकी का समर्थन न करें। किसी भी समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़काने वाली सामग्री दिखे, तो उसे वायरल करने के बजाय संबंधित प्लेटफॉर्म या उचित अधिकारियों को रिपोर्ट करें।

छठा कदम: असली मुद्दों पर चर्चा करें। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई, भ्रष्टाचार और सुरक्षा जैसे सवालों को सार्वजनिक बहस का हिस्सा बनाएं।

छोटे कदम मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं। समाज तभी मजबूत होगा, जब लोग एक-दूसरे के अधिकारों की रक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझेंगे।

9. धर्म का सम्मान और राजनीति से सवाल – दोनों साथ चल सकते हैं

कई बार लोगों को यह कहकर चुप कराने की कोशिश होती है कि धर्म या धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर सवाल नहीं उठाने चाहिए। दूसरी ओर, कुछ लोग राजनीतिक आलोचना को भी धर्म के खिलाफ बताने लगते हैं।

हमें इन दोनों बातों के बीच अंतर समझना होगा।

धार्मिक आस्था का सम्मान करना और सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही मांगना एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। किसी सरकार की नीति पर सवाल उठाना देश से नफरत करना नहीं है। किसी धार्मिक व्यक्ति के गलत आचरण की आलोचना करना पूरे धर्म का अपमान नहीं है। और किसी समुदाय के अधिकारों की रक्षा की बात करना दूसरे समुदाय के खिलाफ खड़ा होना नहीं है।

सवाल पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है। लेकिन सवाल तथ्यों पर आधारित होने चाहिए। आलोचना जिम्मेदार होनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए।

हमें ऐसे समाज की जरूरत है, जहां लोग अपनी आस्था का पालन भी कर सकें और दूसरों की आस्था का सम्मान भी।

निष्कर्ष: नफरत की राजनीति से ऊपर उठकर इंसानियत को चुनना होगा

देश केवल इमारतों, सड़कों, चुनावों और नारों से मजबूत नहीं बनता। देश मजबूत बनता है नागरिकों के बीच भरोसे से, न्याय व्यवस्था पर विश्वास से, बच्चों के सुरक्षित भविष्य से और उस भावना से कि मुश्किल समय में कोई भी इंसान अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

राजनीति में विचारों का अंतर रहेगा। धर्मों की परंपराएं अलग रहेंगी। लोगों के बीच बहस भी होगी और असहमति भी। लेकिन इन सबके बावजूद समाज में शांति, समानता और इंसानियत को बचाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।

हमें यह तय करना होगा कि हम अपने बच्चों को कैसा भारत देना चाहते हैं – ऐसा भारत जहां वे किसी का नाम या धर्म पूछकर दोस्ती करें, या ऐसा भारत जहां वे इंसान को उसके व्यवहार, ईमानदारी और कर्म से पहचानें।

किसी भी धर्म का सम्मान दूसरे धर्म को अपमानित करने से नहीं बढ़ता। किसी भी नेता की लोकप्रियता नफरत फैलाने से देश का भविष्य सुरक्षित नहीं करती। और किसी भी समाज की ताकत दूसरे समुदाय को कमजोर करने में नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर आगे बढ़ने में होती है।

आखिर में सवाल सिर्फ इतना है – हम अपने बच्चों के लिए नफरत से भरा समाज छोड़कर जाएंगे या ऐसा देश, जहां इंसान की पहचान उसका धर्म नहीं, बल्कि उसका इंसान होना भी हो?

AVN News की अपील: किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी सच्चाई जांचें। नफरत नहीं, सवाल फैलाएं। अफवाह नहीं, तथ्य साझा करें। मतभेद रखें, लेकिन इंसानियत न छोड़ें।

Written & Edit by : Chandan Patel

AVN NEWS | ख़बर वही, जो है सही
www.avnnews.in

यह भी पढ़ें: देश ओर राज्यों बिहार जमुई और आसपास की स्थानीय खबरों के लिए AVN News पर जुड़े रहें।

CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को 7 दिन बाद जमानत, जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने उठाए थे सवाल

मानसा में झोटा हत्याकांड की जांच तेज, पहुंची CBI की 5 सदस्यीय टीम; अंतिम संस्कार पर अब भी अड़ा परिवार

जमुई में तेज रफ्तार दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, दो युवक गंभीर घायल; एक की हालत नाजुक

विजयादशमी पर मुखिया प्रत्याशी गौतम रावत ने दी शुभकामनाएं, मांगोबंदर पंचायत के विकास का लिया संकल्प

भगवान श्रीराम और रावण से क्या सीखें? अहंकार नहीं, इंसानियत बड़ी है; समाज को जोड़ने का संदेश देती है रामायण

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, SIR पर घिरा चुनाव आयोग; 13 करोड़ नामों का विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा

Tiger Shroff Firing: मुंबई में टाइगर श्रॉफ की BMW पर फायरिंग, ड्राइवर घायल; बिश्नोई गैंग से जुड़े नामों का दावा

जमुई में दर्दनाक हादसा: ई-रिक्शा की बैटरी फटने से झुलसी नेहा की 8 दिन बाद मौत, गांव में पसरा मातम

ग्वालियर में भीषण हादसा: शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को ट्रक ने कुचला, 13 की मौत, 32 घायल

कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से मचा हड़कंप, 17 लोगों की मौत की खबर; 35 घायल अस्पताल में भर्ती

सुप्रीम कोर्ट सख्त: बच्चों की अश्लील सामग्री पर रोक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारी जुर्माने की तैयारी

जमुई के खैरा बाजार में भीषण आग, बनवारी सिंह मार्केट की कई दुकानें तबाह; 55 लाख से अधिक के नुकसान का दावा

India Squad: न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम का ऐलान, पहले 3 वनडे में शुभमन गिल कप्तान, आखिरी 2 मैचों की कमान श्रेयस अय्यर को

जमुई के अमरथ गांव में महिला का शव मिलने से सनसनी, डायन होने के आरोप की चर्चा; हत्या की आशंका से जांच तेज

Live Update: CJP तिरंगा मार्च कनॉट प्लेस में प्रदर्शनकारियों को हटा रही दिल्ली पुलिस, अब तक 150 लोग गिरफ्तार

दिल्ली में CJP की ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले हाई अलर्ट, कनॉट प्लेस में 28 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात; सेंट्रल पार्क बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से इनकार

दिल्ली की मां झंडेवाली माता की क्या है महिमा? जानिए मंदिर का इतिहास, पौराणिक मान्यताएं, पूजा विधि और दर्शन का महत्व..

CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर बवाल: तीसरे दिन अभिजीत दिपके ने उठाए सवाल, बोले- अपने ही देश में तिरंगा फहराने की सजा जेल?

दिल्ली में इंटरनेट बंद करने पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी बिना शर्त माफी, DMRC बोला- 45 मेट्रो स्टेशन ही बंद थे

जमुई के रतनपुर में एक फर्जी कॉल से मचा हड़कंप! एक ही घर पहुंची डायल 112, फायर ब्रिगेड और 102 एंबुलेंस

Vaishali News: वैशाली के राघोपुर में बड़ा नाव हादसा, छोटी नाव पलटने से 13 लोगों की मौत की खबर; CM ने किया मुआवजे का ऐलान

Jamui News: जमुई के बरबांध आहर में मिला 40 वर्षीय मनोज महतो का शव, शरीर पर चोट के निशान से बढ़ा संदेह

बिहार पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी की मां उर्मिला देवी का निधन, 95 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

Rahul Gandhi News: वोट चोरी के आरोपों पर विपक्ष का बड़ा दांव, इंडिया ब्लॉक के सांसदों को चाय पर बुलाया

Live Updates 12-OCT. 2026 : दिल्ली में INDIA ब्लॉक के नेताओं के साथ राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, कांग्रेस की पूरी लीगल टीम भी साथ

Delhi News: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पुलिस कार्रवाई से लेकर मेट्रो बंद करने तक मांगा जवाब

कॉकरोच जनता पार्टी Protest Live: कॉकरोच जनता पार्टी प्रोटेस्ट पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, 20 से ज्यादा FIR दर्ज; 2 बजे CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस

Jamui News: झाझा बस स्टैंड पर शराब के साथ बाइक सवार गिरफ्तार, स्प्लेंडर की डिक्की से मिलीं रॉयल स्टैग की 2 बोतलें

LIVE Updates: दिल्ली जंतर-मंतर नहीं पहुंच पाए प्रदर्शनकारी, CJP लीडर्स हिरासत में:38 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी, 10 फीट ऊंचे बैरिकेड्स; दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कैसे रोका, समझें 7 पॉइंट्स में

 

 राजनीति
ख़बर वही, जो है सही

रोचक ज्ञान

सावन में नॉनवेज क्यों नहीं खाना चाहिए?
रोचक ज्ञान

सावन में नॉनवेज क्यों नहीं खाना चाहिए? जानिए धार्मिक, वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी कारण..

सावन में नॉनवेज क्यों नहीं खाना चाहिए? जानिए धार्मिक, वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी कारण.. हिंदू धर्म में सावन (श्रावण) का महीना भगवान शिव की आराधना

Read More »
एथेनॉल किससे बनता है
रोचक ज्ञान

एथेनॉल किससे बनता है? जानिए एथेनॉल बनाने के स्रोत, प्रक्रिया और उपयोग की पूरी जानकारी..

एथेनॉल किससे बनता है? जानिए एथेनॉल बनाने के स्रोत, प्रक्रिया और उपयोग की पूरी जानकारी.. एथेनॉल (Ethanol) एक प्रकार का अल्कोहल है, जिसका रासायनिक सूत्र

Read More »

बिजनेस

बिजनेस

UPI पर 0.4% MDR को लेकर घमासान: सरकार ने कहा- कोई विदेशी दबाव नहीं, राहुल गांधी ने अमेरिका का मुद्दा उठाया

नई दिल्ली: UPI को लेकर देश में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट UPI पेमेंट पर 0.4%

Read More »
बिजनेस

₹2,000 तक UPI पेमेंट पर कोई फीस नहीं, ₹2,000 से ज्यादा पर क्या होगा? वित्त मंत्रालय ने साफ की पूरी तस्वीर

नई दिल्ली। UPI इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर बैंक या पेमेंट

Read More »
राष्ट्रीय

बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर: SBI, PNB समेत बैंक लगातार 3 दिन बंद, आज हड़ताल; 5-डे बैंकिंग को लेकर बड़ा ऐलान

नई दिल्ली। अगर आपका आज बैंक में कोई जरूरी काम है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। SBI, PNB, Union Bank समेत देशभर

Read More »

खेल

खेल

India Squad: न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम का ऐलान, पहले 3 वनडे में शुभमन गिल कप्तान, आखिरी 2 मैचों की कमान श्रेयस अय्यर को

नई दिल्ली: न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम के चयन में कप्तानी से लेकर खिलाड़ियों के चयन तक कई

Read More »
खेल

भारत की टीम का ऐलान: रोहित-विराट की वापसी, हार्दिक बाहर; वेस्टइंडीज सीरीज में दिखेगा युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मेल,देखें ODI और T20I स्क्वॉड

नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे और पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान कर

Read More »

आयोजन

सिंगल फादर और मेरा पहला पीरियड: एक पिता के प्यार, संघर्ष और जिम्मेदारी की भावुक कहानी..
सोशल ट्रैंड

सिंगल फादर और मेरा पहला पीरियड: एक पिता के प्यार, संघर्ष और जिम्मेदारी की भावुक कहानी..

सिंगल फादर और मेरा पहला पीरियड: एक पिता के प्यार, संघर्ष और जिम्मेदारी की भावुक कहानी.. सिंगल फादर

Read More »
राज्य

CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को 7 दिन बाद जमानत, जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने उठाए थे सवाल

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए कॉकरोच

Read More »

राजनीति

राष्ट्रीय

Rahul Gandhi News: वोट चोरी के आरोपों पर विपक्ष का बड़ा दांव, इंडिया ब्लॉक के सांसदों को चाय पर बुलाया

नई दिल्ली। वोट चोरी के आरोपों और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र की राजनीति में

Read More »
राष्ट्रीय

INDIA गठबंधन की बैठक से पहले दिल्ली में लगे विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने वाले होर्डिंग, SIR पर बनेगी आगे की रणनीति

दिल्ली में INDIA गठबंधन की अहम बैठक से पहले मध्य दिल्ली में विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने वाले

Read More »

तकनीकी

भक्ति

भक्ति

भगवान श्रीराम और रावण से क्या सीखें? अहंकार नहीं, इंसानियत बड़ी है; समाज को जोड़ने का संदेश देती है रामायण

अगर भगवान श्रीराम की पूजा करते हैं, तो उनके आदर्शों को जीवन में उतारना भी सीखिए। और अगर

Read More »
नवरात्रि व्रत कथा
भक्ति

नवरात्रि व्रत कथा और इससे जुड़ी मुख्य पौराणिक कथाएं: जानिए मां दुर्गा की महिमा, पूजा विधि और धार्मिक मान्यताएं..

नवरात्रि व्रत कथा और इससे जुड़ी मुख्य पौराणिक कथाएं: जानिए मां दुर्गा की महिमा, पूजा विधि और धार्मिक

Read More »

मनोरंजन

मनोरंजन

Nana Patekar Death: नहीं रहे दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर, 75 साल की उम्र में निधन; 45 मिनट तक CPR के बाद भी नहीं बची जान

नई दिल्ली/गोवा। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया

Read More »
2025 की टॉप 10 भारतीय फिल्में
मनोरंजन

Year Ender 2025: 2025 की टॉप 10 भारतीय फिल्में (वर्ल्डवाइड कलेक्शन के अनुसार) – तोड़े कमाई के सारे रिकार्ड? ! Box Office Collection 2025 Top 10 Movie

Year Ender 2025: 2025 की टॉप 10 भारतीय फिल्में (वर्ल्डवाइड कलेक्शन के अनुसार) – तोड कमाई के सारे

Read More »

नौकरियां

राष्ट्रीय

SSC CGL Postponed: एसएससी ने 13 अगस्त को होने वाली सीजीएल परीक्षा स्थगित की , अब सितंबर में होगी; परीक्षा कुप्रबंधन पर सफाई भी दी

SSC CGL 2025 Postponed: चयन परीक्षा चरण 13 परीक्षा में कुप्रबंधन के बाद से लगातार विरोध प्रदर्शन का

Read More »
Breaking News