जमुई/सोनो: जिस पुलिया के निर्माण से दर्जनों गांवों की जिंदगी आसान होने वाली थी, उसी के निर्माण पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। आजादी के दशकों बाद सड़क और पुलिया की सुविधा मिलने की उम्मीद लगाए बैठे ग्रामीणों को निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं की आशंका ने चिंता में डाल दिया है। जमुई जिले के सोनो प्रखंड अंतर्गत बटिया थाना क्षेत्र के बुच्ची गांव में झांझी नदी पर बन रही पुलिया की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए काम रुकवा दिया। ग्रामीणों ने नींव में सोलिंग नहीं करने, सरिया के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने और सीमेंट समेत अन्य निर्माण सामग्री के अनुपात में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
मामले की सूचना मिलने पर ग्रामीण कार्य विभाग प्रमंडल, झाझा के कनिष्ठ अभियंता (जेई) राजकुमार दुबे निर्माण स्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और जांच के बाद अनियमितता मिलने पर संबंधित एजेंसी एवं ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब ग्रामीणों की निगाहें विभागीय जांच पर टिकी हैं।
बुच्ची गांव में सड़क और पुलिया निर्माण को स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा था। लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद ग्रामीणों ने विरोध का रास्ता अपनाया। उनका कहना है कि विकास कार्यों में किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन जनता के पैसे से बनने वाली सड़क और पुलिया मजबूत, सुरक्षित और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।
ग्रामीणों को आशंका है कि यदि निर्माण के शुरुआती चरण में ही लापरवाही बरती गई, तो भविष्य में पुलिया की मजबूती प्रभावित हो सकती है। खासकर बरसात के मौसम में झांझी नदी का जलस्तर बढ़ने पर कमजोर निर्माण स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
हालांकि, निर्माण में गड़बड़ी के आरोपों की स्वतंत्र तकनीकी जांच और विभागीय पुष्टि होना अभी बाकी है।
बटिया से बुच्ची गांव तक लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इसी सड़क पर झांझी नदी के ऊपर करीब 22.5 मीटर लंबी, 5.97 मीटर चौड़ी और लगभग पांच मीटर ऊंची स्लैब कलवर्ट पुलिया बनाई जा रही है।
यह पुलिया बुच्ची गांव के अलावा हरिहरपुर, पिड़ारी और आसपास के कई गांवों के लोगों के आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात के दौरान झांझी नदी में पानी बढ़ने से आवाजाही प्रभावित होती है। कई बार नदी के कारण गांवों का संपर्क दूसरे इलाकों से कटने जैसी स्थिति बन जाती है। ऐसे में पुलिया का निर्माण ग्रामीणों के लिए केवल सड़क सुविधा नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती-किसानी और रोजमर्रा के कामकाज से जुड़ा महत्वपूर्ण विकास कार्य है।
यही वजह है कि ग्रामीण इसकी गुणवत्ता को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं चाहते।
निर्माण स्थल पर विरोध कर रहे ग्रामीणों ने पुलिया की नींव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में नींव के नीचे सोलिंग नहीं किए जाने की आशंका है। इसके साथ ही, नींव में लोहे के सरिया के इस्तेमाल को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों ने सीमेंट की मात्रा और अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी संदेह जताया। उनका आरोप है कि निर्धारित प्राक्कलन के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित अधिकारी निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री, नींव की संरचना और तकनीकी मानकों की जांच करें। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया जाए कि निर्माण कार्य स्वीकृत नक्शे और प्राक्कलन के अनुसार हो रहा है या नहीं।
महत्वपूर्ण सवाल: क्या पुलिया का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार हो रहा है? इसका स्पष्ट जवाब विभागीय जांच और तकनीकी परीक्षण के बाद ही सामने आएगा।
विरोध कर रहे ग्रामीणों ने साफ कहा कि वे सड़क और पुलिया निर्माण के विरोधी नहीं हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि सरकारी योजना के तहत होने वाला काम टिकाऊ और सुरक्षित हो।
ग्रामीण छत्रधारी राय ने कहा कि गांव के लोग विकास कार्यों से खुश हैं, लेकिन निर्माण मजबूत होना चाहिए और विभागीय मानकों का पालन किया जाना चाहिए।
वहीं, शिवलाल हेंब्रम ने नींव में सोलिंग और सरिया के इस्तेमाल को लेकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
ग्रामीण परमेश्वर राणा ने कहा कि इस पुलिया से बुच्ची, हरिहरपुर, पिड़ारी समेत आसपास के कई गांवों के लोगों का आवागमन जुड़ा है। यदि भविष्य में निर्माण की गुणवत्ता में कमी के कारण पुलिया क्षतिग्रस्त होती है, तो इसका नुकसान किसानों, विद्यार्थियों और आम ग्रामीणों को उठाना पड़ेगा।
बड़कू मरांडी और जुरा मरांडी ने भी मांग की कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच करें और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। ग्रामीणों ने संकेत दिया कि जांच और संतोषजनक कार्रवाई होने तक वे मामले को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।
ग्रामीणों के विरोध की सूचना मिलने पर ग्रामीण कार्य विभाग प्रमंडल, झाझा के कनिष्ठ अभियंता राजकुमार दुबे निर्माण स्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और मौके पर निर्माण कार्य का जायजा लिया।
जेई राजकुमार दुबे ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि निर्माण की गुणवत्ता को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि काम निर्धारित प्राक्कलन और विभागीय तकनीकी मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आने पर संबंधित एजेंसी और ठेकेदार के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि विभाग की जांच में ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं या नहीं और निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिया निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की जरूरत के अनुसार तकनीकी और प्रयोगशाला जांच कराई जाए। इसके अलावा, निर्माण में सीमेंट, बालू, गिट्टी और सरिया के इस्तेमाल की जांच निर्धारित प्राक्कलन के आधार पर की जाए।
उनका कहना है कि अधिकारियों की निगरानी में गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए और तकनीकी मानकों की पुष्टि के बाद ही आगे का काम कराया जाना चाहिए।
ग्रामीणों की यह मांग इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि नदी पर बनने वाली पुलिया की मजबूती का सीधा संबंध उसकी डिजाइन, नींव, निर्माण सामग्री और तकनीकी मानकों के पालन से होता है।
बुच्ची गांव में उठे इस विवाद ने ग्रामीण विकास योजनाओं की निगरानी और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हो रहे इस कार्य से आसपास के गांवों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलने की उम्मीद है, लेकिन ग्रामीण चाहते हैं कि यह सुविधा लंबे समय तक सुरक्षित और उपयोगी बनी रहे।
फिलहाल, निर्माण में कथित अनियमितताओं के आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराए, तकनीकी तथ्यों को स्पष्ट करे और यदि गड़बड़ी मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई करे।
अब बड़ा सवाल यही है – क्या विभागीय जांच के बाद बुच्ची गांव की पुलिया का निर्माण गुणवत्ता के मानकों पर खरा उतरेगा, या ग्रामीणों को अपनी मांगों के लिए फिर आवाज उठानी पड़ेगी?
नोट: इस खबर में निर्माण संबंधी आरोप ग्रामीणों की शिकायतों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र तकनीकी पुष्टि उपलब्ध होने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
Written & Edit by : Chandan Patel
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